बादल देखी डरी

बादल देख डरी हो, स्याम, मैं बादल देख डरी ।
श्याम मैं बादल देख डरी ।
काली-पीली घटा ऊमड़ी बरस्यो एक घरी ।
जित जाऊं तित पाणी पाणी हुई सब भोम हरी ॥
जाके पिया परदेस बसत है भीजे बाहर खरी ।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर  कीजो प्रीत खरी ।
श्याम मैं बादल देख डरी ।

2 Comments »

  1. सुन्दर भजन.
    आपका चिट्ठा जगत में स्वागत करता हूं, आपका आगमन हमारे लिए खुशी की बात हैं.

  2. Just wanted you to know there’s a new site out dedicated to presenting the spiritual implications of Mirabai’s life and teachings at

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