यह सुमधुर भजन मीना कपूर ने 1948 में बनी फिल्म गोपीनाथ में गाया था, फिल्म के संगीतकार थे नीनू मजूमदार। मीरां बाई के सुन्दर भजन का आनन्द लेने के लिये उपर दी गई लिंक पर क्लिक करें।
मैं बिरहिन बैठी जागूं; जगत सब सोवे री आली
दुल्हन बैठी रंगमहल में मोतियन की लड़ पोवे
एक दुल्हन हम ऐसी देखी अंसुवन माला पोवे
री मैं बिरहिन बैठी…..
तारे गिन गिन रैन बिहानी सुख: की घड़ी कब आवे
मीरा के प्रभू गिरधर नागर जब मोहे दरस दिखावे
मैं बिरहिन बैठी……

PRAMENDRA PRATAP SINGH said
बहुत ही सुन्दर भजन उतनी ही अच्छी भजन गयिका की आवाज
अनूप शुक्ला said
बहुत अच्छा लगा ! नियमित सुनाती रहें न!
अनजान said
बडा अच्छे टापिक का चयन किया है आपने मीराबाई के भजनो पर शायद आप ज्यादा से ज्यादा लिख सकती हैं । बडी दिलचस्प बात है कि सागर जी ने आपको भी ब्लागिंग का लती बना दिया है, वैसे मेरी मम्मी (माँ) का नाम भी मीरा है, है ना एक अनोखा ईत्तेफाक ।
भजनों के क्रमवार विवरण के लिये आप वाकई में बधाई की पात्र हैं ।
Divyabh said
एकदम नया मज़मून चुना है…अच्छा लगा दौड़ती-भागती दुनियाँ में यह भजन प्रस्तुति
मन को थोड़ा सहज अवश्य बनायेगी…। मीरा का निर्विकल्प व निश्चल प्रेम मानव की
भौतिकता पर गहरा असर छोड़ता है…।धन्यवाद!!
रिपुदमन पचौरी said
वाह !
बहुत सुन्दर
रिपुदमन पचौरी
गिरिराज जोशी "कविराज" said
बहुत सुन्दर…