जागो बंसी वारे

जागो बंसी वारे जागो मोरे ललन
रजनी बीती भोर भयो है घर घर खुले किवारे
गोपी दही मथत सुनियत है कंगना के झनकारे
उठो लालजी भोर भयो है सुर नर ठाढ़े द्वारे ।
ग्वाल बाल सब करत कोलाहल जय जय सबद उचारे ।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर शरण आया कूं तारे ॥

3 टिप्पणियाँ »

  1. Shrish said

    सागर भाईसा की इस पोस्ट के द्वारा आपके चिट्ठे पर पहुँचा। मीराबाई के भजनों का ऑनलाइन संग्रह करके आप उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। साधुवाद !

  2. keya said

    THANK YOU it saved my project .

  3. shreya said

    wonderful poem. i liked it . nice . thank u gr8 .

RSS feed for comments on this post · TrackBack URI

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: